मेरे पिता
मेरे पिता ने मुझे जिंदगी में 
सबसे बड़ा तोहफा दिया, 
उन्होंने मुझ में यकीन किया,
मेरे पिता ने पंख दिए उड़ने के लिए,
मां ने मुझे उडने का मौका दिया
 एक हौसले से भरी जिंदगी,
और जीने का अवसर दिया
 
तेरा यूं कहना हौसला बुलंद रख 
मंजिल मिल ही जाएगी भरोसा रख 
खुद पर राहें आसान हो ही जाएंगी
यह व्यथा नहीं है मेरी यह तो सच्चाई है 
संघर्ष के गर्भ से निकली इच्छाओं की कहानी।।।
टीना कर्मवीर (सामाजिक कार्यकर्ता और  शोधार्थी हरियाणा)
हमारे सम्मानित रचनाकार का दावा है कि यह उनकी स्वरचित रचना है

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