मंगलवार, 3 सितंबर 2019

हाँ मैं हूँ तलाश में

हाँ मैं हूँ तलाश में उस अपने की
जो हो बिल्कुल मेरे जैसा
सुने मेरी पर कहे अपनी
ना हो उसमें समाज के तराज़ू की परवाह


बेशक ना चले वो साथ अंत तक
पर ज़रूरत के वक़्त हो पास
हाँ मुझे है तलाश उस अपने की
जो ना तोले मुझे उस एक नज़रिए से


हो हिम्मत उसमें दुनिया के बंधनों को तोड़ने की
हो साहस समाज से लड़ने का
ना लिखें साथ वो उम्रभर का
पर चले साथ उन कठिन रास्तों पर


हाँ मुझे है तलाश उस अपने की
नहीं जानती होगी भी क्या वो पूरी
पर जब भी होगी


उस दिन ही शायद मेरी रातों की सुबह होगी....


फाल्गुनी शर्मा