गुरुवार, 5 सितंबर 2019

लाचार बच्चा

मै उन जैसा नहीं था
उनका नादानियां, भोलापन
सबको अच्छा लगता
पर मैं उन जैसा कहा था
मै तो डहरा अपंग सिर्फ अंग,दिमाग से
नहीं होता अपंग जनाब
न आत्मविश्वास हो न साहस न ही हों
तेज,चमक,न खिलखिलाकर हस्ता था
मै तो बस जी भर के अपनी मां के गले
लग रोना चाहता था
मै हर समय खुद को कमजोर समझता था
जीने का बस एक यही सहारा
की अपना भी दिन आएगा
ना दिन आया ना रातों को चैन
बस यूंही कश्मकश में ज़िन्दगी कटती गई
क्यों हूं मै ऐसा, क्यूं नहीं मै उन जैसा
सम्मान पाने के लिए तो लड़ रहे हैं सब
मैं भी बस इज्जत ही चाहता था ज़िन्दगी
तुझसे बस इतना ही
मै लाचार सहमा बच्चा


टीना कर्मवीर


(सामाजिक कार्यकर्ता और  शोधार्थी हरियाणा)