रविवार, 27 अक्तूबर 2019

दिवाली

चंपक वन की शान निराली
देखो आई है दीवाली
भालू  ने की है खूब सफाई
खरगोश भी लाए आज मिठाईबंदर  ने जलाए दीप
कोयल सुनाए मीठे गीत
हाथी बोला सब आ जाओ
नाचो-गाओ मौज मनाओ
वनराज ने भी सबको गले लगाया
जंगल में मंगल छाया ,
सबका मन हरषाया

  कवियत्री निभा कुमारी 


      राजनगर , मधुबनी , बिहार